News

दीप्ती मर्डर मामला: फेसबुक पर हुई दोस्ती, मन भर गया तो कर दी हत्या

डबल मर्डर के आरोपी हेमंत पर दिल्ली में दुष्कर्म, छेड़छाड़ व 42 मामले एनआईए के दर्ज

पुलिस रिमांड पर खुलासा हुआ
प्रेमिका दीप्ति की हत्या में प्रयोग की गई गाड़ी मायापुरी में बेची
लाइसेंसी रिवाल्वर से दीप्ति व कैब चालक की हत्या
कैब पर खून के छींटों ने पहुंचाया जेल

रेवाड़ी, 13 दिसम्बर।
अपनी प्रेमिका दीप्ति गोयल की लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मारकर हत्या करने व उसके शव को धारूहेड़ा में फेंकने के बाद आरोपी बॉडी बिल्डर हेमंत लांबा ने वापिस दिल्ली पहुंचकर अकोर्ड गाड़ी को मायापुरी में बेच दिया था। इसी गाड़ी में हेमंत दीप्ति को रोहिणी दिल्ली से लेकर चला था। इस समय हेमंत 6 दिन के पुलिस रिमांड पर है। वह गुजरात के सूरत में उस समय गिरफ्तार हुआ, जब किराए पर ली हुई कैब पर खून के छींटे क्रेता डीलर ने देखे।
डीएसपी मुख्यालय हंसराज ने बताया कि अभी तक रिमांड पर हुई प्रारंभिक पूछताछ के दौरान आरोपी हेमंत लांबा ने कई खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि दिल्ली का रहने वाला हेमंत लांबा हमेशा से ही फेसबुक पर नेताओं व खुद को स्मार्ट दिखाने वाली फोटो डालता रहता था। उन्होंने बताया कि रिमांड पर जानकारी मिली है कि उस पर दिल्ली में एक दुष्कर्म, दो छेड़छाड़ व 42 मामले एनआईए के दर्ज हैं। जिसमें लोगों के साथ ठगी करना, जबरन कब्जा करना, झगड़ा आदि करना शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि हेमंत की फेसबुक आईडी पर बहुत से दोस्त हैं। जिनमें कुछ माह पहले ही दीप्ति गोयल भी उसकी दोस्त बनी थी। 6 दिसंबर की सुबह हेमंत लांबा उसे घुमाने के बहाने घर से अपनी अकोर्ड गाड़ी में बिठाकर चला था। रात के समय उसने शराब भी पी और फिर गुरुग्राम के पास रास्ते में ही सुनसान जगह उसने दीप्ति की अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मारकर हत्या कर दी थी और धारूहेड़ा पहुंचकर नंदरामपुर बास रोड पर शव को फेंककर वापिस दिल्ली चला गया था। डीएसपी ने बताया कि दिल्ली पहुंचने के बाद उसने हत्या में प्रयोग की गई अकोर्ड गाड़ी को 6 दिसंबर की रात के समय ही बेचने की कोशिश की। लेकिन गाड़ी नहीं बिकी तो वह मायापुरी पहुंच गया। मायापुरी में उसने गाड़ी का सौदा किया और बेच दिया। अब उसने अपने साथ लाए दीप्ति के फोन से जयपुर के लिए ओला कैब बुक की थी। जनकपुरी दिल्ली निवासी कैब चालक देवेन्द्र हेमंत को लेकर जयपुर की ओर चल पड़ा।
हेमंत ने जयपुर में वाइफाई के जरिए मोबाइल में इंटरनेट चलाया तो पता चला कि दीप्ति का शव बरामद हो चुका है और उसकी पहचान भी हो चुकी है। इसके बाद उसे लगा कि अब वह पुलिस के हाथों पकड़ा जा सकता है तो उसने जयुपर में चालक देवेन्द्र की भी गोली मार कर हत्या कर दी और उसकी इनोवा लेकर गुजरात के सूरत पहुंच गया। सूरत में उसने गाड़ी को बेचने के लिए एक डीलर से संपर्क किया और सौदा 8 लाख रुपए में सौदा हो गया। इसी दौरान गाड़ी की ड्राइविंग साइड का एक शीशा टूटा हुआ था और उस पर खून के कुछ निशान लगे हुए थे। डीलर को शक हुआ तो हेमंत मौका पाकर गाड़ी को लेकर भाग गया। लेकिन इससे पूर्व डीलर ने तुरंत गाड़ी के पीछे लिखे नंबर पर फोन कर दिया। यह नंबर देवेन्द्र के भाई के थे और उसने बताया कि उसके भाई की हत्या हो चुकी है। डीएसपी ने बताया कि रिमांड पर अभी और खुलासे होने की संभावना है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button
Close
Close