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ड्रग्स के कारोबार को पुलिस की निगाह से बचने के लिए ठेकेदार और लेबर सप्लायर का काम कर रहा था, गिरफ्तार

इंस्पेक्टर राम मनोहर की टीम का कारनामा

नारकोटिक्स सेल, क्राइम ब्रांच द्वारा शातिर ड्रग सप्लायर बिशन सिंह उर्फ नटिया उर्फ अनिल गोयल गिरफ्तारl
गिरफ्तार ड्रग सप्लायर से 2.5 किलो हेरोइन बरामदl
बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 5 करोड़ से ज्यादाl
गिरफ्तार मुल्जिम पहले भी अपना नाम और पहचान बदल कर 15 साल फरार रहा थाl

दिल्ली में नशे/मादक पदार्थ के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ चलाए हुए अभियान के दौरान नारकोटिक्स सेल, क्राइम ब्रांच में तैनात ASI सुधीर कुमार को गुप्त सूचना मिली कि बिशन सिंह नाम का व्यक्ति दिनांक 31.7.20 की शाम को राणा प्रताप स्कूल, रिठाला के पास किसी व्यक्ति को हीरोइन सप्लाई करने आएगा।

इस सूचना पर इंस्पेक्टर राम मनोहर के नेतृत्व में SI अरविंद,ASI सुधीर कुमार, Cts. राजेन्द्र व राजेश गठित टीम ने एसीपी नारकोटिक्स जे. एन.झा के देखरेख में ट्रैप लगा कर बिशन सिंह को गिरफ्तार किया और 2 किलो हेरोइन बरामद किया। गिरफ्तारी के बाद बिशन सिंह के बताने पर् आधा किलो हेरोइन और भी बरामद हुआl

कुल बरामद ढाई किलो हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 5 करोड़ हैl

मुल्जिम बिशन सिंह इससे पहले भी हेरोइन सप्लाई करने के चार केस में गिरफ्तार हो चुका हैl

शुरूआती दिनों में बिशन सिंह अपने भाइयों के साथ शराब बेचता था लेकिन कम समय में ज्यादा पैसे कमाने के चक्कर में ड्रग्स के धंधे में शामिल हो गया और अपने साथियों के साथ राजस्थान, मध्य प्रदेश और दिल्ली में अन्य ड्रग्स सप्लाई करने वालों से संपर्क बना के नशा खरीद फरोख्त व बेचने का काम करने लगा

सन 1999 में स्पेशल सेल द्वारा दर्ज एक केस में सजा सुनाए जाने के दौरान ये कोर्ट से गायब हो गया था। उस वक्त बिशन सिंह जमानत पर था। भागने के बाद बिशन सिंह ग्वालियर चला गया और अपना नाम बदल कर अनिल गोयल रख लिया ताकि पुलिस से बचा रहे। वहां उसने मिनी ट्रक ड्राइवर का काम करना शुरू कर लिया और 2 मिनी ट्रक भी खरीद लिया। उसने श्री नाथ ट्रांसपोर्ट के नाम से अपना ऑफिस भी खोल लिया और नए नाम और पहचान के साथ वहीं शादी भी कर ली। इस तरह बिशन सिंह 15 साल तक ग्वालियर में अपनी पहचान बदल के रहता रहा। सन 2014 में स्पेशल सेल द्वारा उसे ग्वालियर से गिरफ्तार कर लिया गया और कोर्ट से उसे 10 साल की साझा हुई l सन 2016 में वह फिर जेल से छूट कर आया और ठेकेदारी और लेबर सप्लाई का काम करने लगा। अपने इसी काम की आड़ में बिशन ने फिर से ड्रग सप्लाई का काम शुरू कर दिया। तमाम सावधानी रखने के बाद भी बिशन सिंह नारकोटिक्स सेल क्राइम ब्रांच की टीम के हत्थे चढ़ गया। बिशन से मिली जानकारी से पुलिस नशे के कारोबार में शामिल अन्य लोगो की तलाश कर रही है

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