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खुले आसमान के नीचे लगती है नौनिहालों की पाठशाला

कड़कड़ाती सर्दी, ठिठुरते नौनिहाल

रेवाड़ी, 17 दिसंबर।
हरियाणा को शिक्षा का हब बताकर सूबे की मनोहर सरकार एक और जहां अपनी पीठ थपथपा रही है। लेकिन तस्वीर इसके बिलकुल उल्ट ही है।
अहीरवाल का लंदन कहे जाने वाली पीतल नगरी में एक स्कूल ऐसा भी है जो एक पार्क में खुले आसमान के नीचे चल रहा है। एसएन संस्था द्वारा संचालित इस स्कूल में क़रीब 125 से ज्यादा बच्चे शिक्षा ग्रहण कर अपना भविष्य बना रहें है।
आपको बता दें की रोजी-रोटी कमाने के लिए पड़ौसी राज्यों से कुछ प्रवासी मजदूर यहां आकर रहने लगे लेकिन उनके पास स्थानीय आधार कार्ड व राशनकार्ड जैसे कागजातों के अभाव में इन प्रवासी मजदूरों के बच्चों का दाख़िला सरकारी स्कूलों में नहीं किया जाता जिसके चलते यह बच्चें शिक्षा से वंचित रह जाते है।
इसलिए एसएन संस्था ने प्रवासी बच्चों के लिए नगर के राजीव चौक स्थित शौर्य ऊर्जा पार्क को ही स्कूल बना दिया ताकि इन बच्चों को भी शिक्षा का अधिकार दिलाया जा सकें। खुले आसमान में पार्क की दीवारों पर बने ब्लैकबोर्ड द्वारा इनको पढ़ाया जा रहा है। सर्दी-गर्मी और बरसात जैसी समस्याओं से जंग लड़कर यह बच्चें शिक्षा ग्रहण कर कुछ बनना चाहते है। इस स्कूल में 3 लेकर 12 साल तक के नौनिहाल अपना भविष्य बना रहे है। संस्था द्वारा यहां नरसरी से लेकर पांचवीं तक की कक्षाएं लगाई जाती है। पांचवीं की पढ़ाई करने के बाद संस्था द्वारा इन प्रवासी गरीब परिवारों के बच्चों के जरूरी कागजात तैयार करवाकर उन्हें आगे की शिक्षा के लिए सरकारी स्कूलों में दाख़िला दिलवाया जाता है। पहली से लेकर पांचवीं कक्षा तक स्कूल की वर्दी और किताबों व अध्यापकों के वेतन का खर्चा संस्था द्वारा ही वहन किया जाता है।

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