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31 मार्च 2020 तक मांगें पूरी ना होने पर होगी आन्दोलन की शुरूआत-यषपाल मलिक

22 फरवरी 2020, लाठ जौली, गोहाना-सोनीपत अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा जाट आरक्षण आन्दोलन में शहीद भाईयों की याद में शहीद रैली-लाठ जौली, सोनीपत का आयोजन किया गया। इस रैली में अपार जनसमूह व कई राज्यों के लोग शहीदों को श्रद्धांजलि देने व हरियाणा सरकार द्वारा मांग पूरी ना करने पर भविष्य में आन्दोलन की रूप रेखा तैयार करने व 18 जनवरी 2020 से भाईचारा न्याय यात्रा के समापन के लिये भारी संख्या में लोग पहुंचे। इस अवसर पर समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री यषपाल मलिक ने बताया कि भाईचारा न्याय यात्रा के माध्यम से हरियाणा के 60 से ज्यादा विधायकों से जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारी व क्षेत्र के लोग मिले। सभी दलों के विधायकों व मन्त्रियों ने जाट समाज की मांगों समर्थन किया व अपने स्तर से मांगें पूरी कराने का आष्वासन दिया। इसी दौरान जीन्द की कार्यकारिणी उप मुख्यमन्त्री श्री दुष्यन्त चौटाला को ज्ञापन सौंपा व उस पर चर्चा की। उप मुख्यमन्त्री ने मांगों का समर्थन के साथ-साथ उनका हल निकालने में सहयोग का वायदा किया। हरियाणा प्रदेष कार्यकारिणी के प्रमुख सदस्यों ने मुख्यमन्त्री श्री मनोहर लाल खटर को भी ज्ञापन देकर अपनी मांगों पर चर्चा की। मुख्यमन्त्री ने भी आष्वासन दिया कि मुकदमों की वापिसी पर एक वकीलों की संयुक्त कमेटी का गठन कर हाईकोर्ट में सरकार का पक्ष रख मुकदमों को वापिस कराया जायेगा। प्रदेष के आरक्षण, एस.बी.सी. कण्डीडेटों की ज्वाइनिंग पर कानूनी मन्त्रणा के बाद निर्णय लिया जायेगा। केन्द्र सरकार द्वारा इकोनोमिक आधार पर आरक्षण में आयु व अन्य छूट केन्द्र सरकार द्वारा तय मानकों के अनुसार या अन्य राज्यों का आंकलन कर दी जायेगी। आन्दोलन के दौरान धरनों पर बैठे भाईयों की शहादत के आश्रितों की उम्र अधिक होने पर नौकरी ना देने में आनाकानी की। जिस पर संघर्ष समिति ने उन्हें समझौते की शर्तों का पालन करने को कहा। संघर्ष समिति अपनी सभी मांगों पर अडिग है। इस पर मुख्यमन्त्री को अवगत कराया।
18 जनवरी 2020 से 22 फरवरी 2020 तक चली भाईचारा न्याय यात्रा के माध्यम से लोगों की भावना व संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों के विचारों के आधार पर संघर्ष समिति भविष्य के आन्दोलन की रूप रेखा की घोषणा करती है।
1. हरियाणा सरकार 31 मार्च 2020 से पहले संघर्ष समिति के साथ हुए सभी समझौतों के आधार पर ज्ञापन में दी गई 5 मांगें पूरी करे।
2. 31 मार्च 2020 तक मांगें पूरी ना होने पर संघर्ष समिति बीजेपी के सभी विधायकों के विधानसभा क्षेत्रों में भाईचारा न्याय पंचायतों का आयोजन उन पंचायतों में उन विधायकों के खिलाफ आन्दोलन की रणनीति तय की जायेगी। दूसरे दौर में सरकार को समर्थन कर रही पार्टी व निर्दलीय विधायकों के क्षेत्रों में पंचायतों का आयोजन किया जायेगा। इसकी विस्तृत रूप रेखा 04 अप्रैल 2020 को प्रदेष कार्यकारिणी की बैठक में घोषणा की जायेगी।
3. जिन जिलों में सभी विधायकों को ज्ञापन नहीं सौंपे गये उन जिलों में भाईचारा न्याय यात्रा का कार्यक्रम 31 मार्च 2020 तक जारी रहेगा और प्रदेष के सभी विधायकों को ज्ञापन सौंपकर उनको जाट समाज को न्याय दिलाने में सहयोग करने को कहा जायेगा।
4. केन्द्र के आरक्षण के लिये मार्च माह में संसद के सत्र के दौरान सभी 13 राज्यों के जाट क्षेत्रों के सांसदों को ज्ञापन देकर केन्द्रीय स्तर पर जाट समाज को केन्द्र की ओबीसी श्रेणी में शामिल करने की अपनी सिफारिष, प्रधानमन्त्री, सामाजिक न्याय मन्त्री, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को भेजने को कहा जायेगा।
5. छोटूराम धाम-जसिया, रोहतक के निर्माण को जल्द से जल्द पूरा कर इसी वर्ष से युवाओं को कोचिंग के साथ-साथ अन्य गतिविधियों से जोड़कर उनके भविष्य निर्माण की दिषा में आगे बढ़ाया जायेगा। इसके लिये जाट समाज से सहयोग की अपील की गई।

इस अवसर पर सभी जिलों से आये भारी जन समूह व कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने उपरोक्त प्रस्तावों को पास कर सभी मांगें पूरी ना होने तक आन्दोलन जारी रखने का आवहान किया। इस अवसर पर दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेष, राजस्थान व हरियाणा से आये सभी पदाधिकारियों ने अपने-अपने विचार रखे व आन्दोलन में शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए प्रतिज्ञा की कि जिस कार्य के लिये 21 नौजवानों ने शहादत दी, उस काम को अंजाम तक पहुंचाने का कार्य करेंगे और तब तक शान्तिपूर्ण संघर्ष जारी रखेंगे, जब तक जाट समाज की सभी मांगें पूरी नहीं हो जाती।

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