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दिल्ली तो जलेगी ही

न जाने कितने बांगलादेशी यहां वोट की खातिर बसाये गए हैं

आखिर आम अमरूद पार्टी के वोटर हैं ये बांग्लादेशी, रोहिंग्या|
कुछ माह पहले जहां झुग्गियां थी वहां आज पक्के मकान हैं,
छत पर पानी की टंकी रखी जा चुकी है, बिजली का connection हो चुका है|

अरे दिल्ली वालो तुम्हें मुफ्त बिजली, पानी free इसलिये दिया जा रहा है क्योंकि इन घुसपैठियों को देना था| उन्हें वोटर बनाकर बसाना था| वरना मुफ्त बिजली पानी देने का जो क्राइटेरिया तय किया गया है उसमे कितने औसत मूल भारतीय (दिल्लीवासी) आते है|
उन्हें मोहल्ला क्लीनिक में मुफ्त इलाज देना था वरना आपने अबतक कितना मोहल्ला क्लीनिक में इलाज कराया है|

बारीकी से अध्ययन करने पर पता चलेगा कि जितनी भी ऐसी मुफ्त वाली योजनाए चलाई गई हैं| उनका सर्वाधिक लाभ इन रोहिंग्या व बांग्लादेशियों को मिलने को ध्यान में रखकर चलाई गई हैं जो कल को तुम्हारे गले काटने के लिए पाले गए हैं|
उदाहरण जामिया नगर, न्यू फ्रैंडस कालोनी, सीलमपुर, जाफराबाद कांड के रूप में देख ही चुके हो|

सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात ये है कि एक एक झुग्गी.. अवैध मकान की छत पर पांच से आठ य़ा दस dish दिख रहे हैं|

समझ आ रहा है कुछ ?

यकीन नहीं होता तो एक बार शास्त्री पार्क के bus stand से कश्मीरी गेट तक पैदल चलते हुए जाकर देख लीजिए!

इन बांग्लादेशी व रोहिंग्या voters के लिए बहुत मेहनत की है मफलर मैन और उसके साथियों ने |

इन्हे हटाने की बात होगी तो दिल्ली तो जलेगी ही|

हाल की दिल्ली में घटी घटनाएं इस सच्चाई की पुष्टि करने के लिए काफी हैं|

पिछले दिनों सीलमपुर में जिन आतंकवादियों ने बच्चों को पत्थर मारे, पुलिस वालों पर हमला किया, दंगा किया, चौकी जलाई|
उनको जमानत दिलवाने के लिए केजरीवाल का विद्यायक हाजी इशराक खुद कोर्ट गया!

साथ में दिल्ली सरकार के सरकारी वकीलों की टीम|
केजरीवाल वोटों के लिए पागल हो चुका है|
ये जितना जल्दी तुम्हें समझ में आ जाए, उतना ही अच्छा है!

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